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यमगीता • अध्याय 1 • श्लोक 5
सर्वे चैते वशं यान्ति यमस्य भगवन्किल । आयुषोऽन्तेन ते यान्ति यातनास्तत्प्रचोदिताः ॥
किंतु हे भगवन्‌! आयु के समाप्त होने पर ये सभी यमराज के वशीभूत हो जाते हैं और उन्हीं के आदेशानुसार नरक आदि नाना प्रकार की यातनाएँ भोगते हैं।
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