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यमगीता • अध्याय 1 • श्लोक 39
पराशर उवाच - एतन्मुने तवाख्यातं गीतं वैवस्वतेन यत् । त्वत्प्रश्नानुगतं सम्यक्किमन्यच्छ्रोतुमिच्छसि ॥ ॥ इति विष्णुपुराणान्तर्गता यमगीता समाप्ता ॥
श्रीपराशरजी बोले - हे मुने! तुम्हारे प्रश्न के अनुसार जो कुछ यम ने कहा था, वह सब मैंने तुम्हें भलीप्रकार सुना दिया, अब और क्या सुनना चाहते हो?
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