कालिंग बोला - हे कुरुवर! अपने दूत को शिक्षा देने के लिये सूर्यपुत्र धर्मराज ने उससे इस प्रकार कहा। मुझसे यह प्रसंग उस जातिस्मर मुनि ने कहा था और मैंने यह सम्पूर्ण कथा तुमको सुना दी है।
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