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यमगीता • अध्याय 1 • श्लोक 3
स्थूलैः सूक्ष्मैस्तथा स्थूलसूक्ष्मैः सूक्ष्मस्थूलैस्तथा । स्थूलास्थूलतरैश्चैतत्सर्वं प्राणिभिरावृतम् ॥
स्थूल, सूक्ष्म, सूक्ष्मतर, सूक्ष्मातिसूक्ष्म तथा स्थूल और स्थूलतर जीवों से भरे हुए हैं।
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