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यमगीता • अध्याय 1 • श्लोक 19
इति यमवचनं निशम्य पाशी यमपुरुषमुवाच धर्मराजम् । कथय मम विभोः समस्तधातु- र्भवति हरेः खलु यादृशोऽस्य भक्तः ॥
यमराज के ऐसे वचन सुनकर पाशहस्त यमदूत ने उनसे पूछा - 'प्रभो! सबके विधाता भगवान्‌ हरि का भक्त कैसा होता है, यह आप मुझसे कहिये'।
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