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यमगीता • अध्याय 1 • श्लोक 12
एकदा तु मया पृष्टं यदेतद्भवतोदितम् । प्राह कालिंगको विप्रः स्मृत्वा तस्य मुनेर्वचः ॥
एक दिन, जो बात तुम मुझ से पूछते हो, वही मैंने उस कालिंग ब्राह्मण से पूछी। उस समय उसने उस मुनि के वचनों को याद करके कहा।
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