तेनाख्यातमिदं चेदमित्थं चैतद्भविष्यति ।
तथा च तदभूद्वत्स यथोक्तं तेन धीमता ॥
कि ये सब बातें अमुक-अमुक प्रकार ही होंगी।' हे वत्स! उस बुद्धिमान् ने जो-जो बातें जिस-जिस प्रकार होने को कही थीं, वे सब ज्यों-की-त्यों हुईं।
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