हे युद्ध करने हारे वीर पुरुषो ! तुम लोग जो (स्वादुषंसदः) भोजन के योग्य अन्नादि पदार्थों को सम्यक् सेवनेवाले (वयोधाः) अधिक अवस्था युक्त (कृच्छ्रेश्रितः) उत्तम कार्यों की सिद्धि के लिए कष्ट सेवते हुए (शक्तीवन्तः) सामर्थ्यवाले (गभीराः) महाशय (चित्रसेनाः) आश्चर्य गुण युक्त सेनावाले (इषुबलाः) शस्त्र-अस्त्रों के सहित जिनकी सेना (अमृध्राः) दृढ़ शरीरवाले (उरवः) बड़े-बड़े जिन के जङ्घा और छाती (व्रातसाहाः) वीरों के समूहों को सहनेवाले (सतोवीराः) विद्यमान सेना के बीच युद्धविद्या की शिक्षा को प्राप्त और (पितरः) पालन करनेहारे राजपुरुष हों, उन का आश्रय ले युद्ध करो।
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