हे मनुष्यो ! तुम को जो (उन्नतः) ऊँचा (ऋषभः) और श्रेष्ठ (वामनः) टेढ़े अङ्गोंवाले नाटा पशु हैं, (ते) वे (ऐन्द्रावैष्णवाः) बिजुली और पवन देवतावाले, जो (उन्नतः) ऊँचा (शितिबाहुः) जिसका दूसरे पदार्थ को काटती-छाँटती हुई भुजाओं के समान बल और (शितिपृष्ठः) जिसकी सूक्ष्म की हुई पीठ ऐसे जो पशु हैं, (ते) वे (ऐन्द्राबार्हस्पत्याः) वायु और सूर्य देवतावाले (शुकरूपाः) जिनका सुग्गों के समान रूप और (वाजिनाः) वेगवाले (कल्माषाः) कबरे भी हैं, वे (आग्निमारुताः) अग्नि और पवन देवतावाले तथा जो (श्यामाः) काले रंग के हैं, वे (पौष्णाः) पुष्टिनिमित्तक मेघ देवतावाले जानने चाहियें।
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