हे मनुष्यो ! तुम को जो (अन्यवापः) कोकिला पक्षी है, वह (अर्द्धमासानाम्) पखवाड़ों के अर्थ जो (ऋश्यः) ऋश्य जाति का मृग (मयूरः) मयूर और (सुपर्णः) अच्छे पंखोंवाला विशेष पक्षी है, (ते) वे (गन्धर्वाणाम्) गानेवालों के और (अपाम्) जलों के अर्थ जो (उद्रः) जलचर गिंगचा है, वह (मासान्) महीनों के अर्थ जो (कश्यपः) कछुआ (रोहित्) विशेष मृग (कुण्डृणाची) कुण्डृणाची नाम की वन में रहनेवाली और (गोलत्तिका) गोलत्तिका नामवाली विशेष पशुजाति है, (ते) वे (अप्सरसाम्) किरण आदि पदार्थों के अर्थ और जो (असितः) काले गुणवाला विशेष पशु है, वह (मृत्यवे) मृत्यु के लिये जानना चाहिये
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