हे मनुष्यो ! तुम को जो (सुपर्णः) सुन्दर गिरने वा जानेवाला पक्षी वह (पार्जन्यः) मेघ के समान गुणवाला जो (आतिः) आति नामवाला पक्षी (वाहसः) अजगर साँप (दर्विदा) और काठ को छिन्न-भिन्न करनेवाला पक्षी है, (ते) वे सब (वायवे) पवन के लिये (पैङ्गराजः) पैङ्गराज नाम का पक्षी (बृहस्पतये) बड़े-बड़े पदार्थों और (वाचः, पतये) वाणी की पालना करने हारे के लिये (अलजः) अलज पक्षी (आन्तरिक्षः) अन्तरिक्ष देवतावाला जो (प्लवः) जल में तरनेवाला बतक पक्षी (मद्गुः) जल का कौआ और (मत्स्यः) मछली हैं, (ते) वे सब (नदीपतये) समुद्र के लिये और जो (कूर्मः) कछुआ है, वह (द्यावापृथिवीयः) प्रकाश भूमि देवतावाला जानना चाहिये।
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