हे मनुष्यो तुम को जो (रोहितः) सामान्य लाल (धूम्ररोहितः) धुमेला लाल और (कर्कन्धुरोहितः) पके बेर के समान लाल पशु हैं, (ते) वे (सौम्याः) सोम देवता अर्थात् सोम गुणवाले, जो (बभ्रुः) न्योला के समान धुमेला (अरुणबभ्रुः) लालामी लिये हुए न्योले के समान रंगवाला और (शुकबभ्रुः) सुग्गा की समता को लिये हुए न्योले के समान रंगयुक्त पशु हैं, (ते) वे सब (वारुणाः) वरुण देवतावाले अर्थात् श्रेष्ठ जो (शितिरन्ध्रः) शितिरन्ध्र अर्थात् जिसके मर्मस्थान आदि में सुपेदी (अन्यतःशितिरन्ध्रः) जो और अङ्ग से और अङ्ग में छेद से हों, वैसी जिसके जहाँ-तहाँ सुपेदी (समन्तशितिरन्ध्रः) और जिसके सब ओर से छेदों के समान सुपेदी के चिह्न हैं, (ते) वे सब (सावित्राः) सविता देवतावाले (शितिबाहुः) जिसके अगले भुजाओं में सुपेदी के चिह्न (अन्यतःशितिबाहुः) जिसके और अङ्ग से और अङ्ग में सुपेदी के चिह्न और (समन्तशितिबाहुः) जिसके सब और से अगले गोड़ों में सुपेदी के चिह्न हैं, ऐसे जो पशु हैं, (ते) वे (बार्हस्पत्याः) बृहस्पति देवतावाले तथा जो (पृषती) सब अङ्गों से अच्छी छिटकी हुई सी (क्षुद्रपृषती) जिसके छोटे-छोटे रंग-बिरंग छींटे और (स्थूलपृषती) जिसके मोटे-मोटे छींटे (ताः) वे सब (मैत्रावरुण्यः) प्राण और उदान देवतावाले होते हैं, यह जानना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
यजुर्वेद के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
यजुर्वेद के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।