हे मनुष्यो ! तुम को जो (कृष्णग्रीवाः) काले गलेवाले हैं, वे (आग्नेयाः) अग्नि देवतावाले। जो (बभ्रवः) सब का धारण पोषण करनेवाले हैं, वे (सौम्याः) सोम देवतावाले। जो (उपध्वस्ताः) नीचे के समीप गिरे हुए हैं, वे (सावित्राः) सविता देवतावाले। जो (वत्सतर्य्यः) छोटी-छोटी बछिया हैं, वे (सारस्वत्यः) वाणी देवतावाली। जो (श्यामाः) काले वर्ण के हैं, वे (पौष्णाः) पुष्टि करने हारे मेघ देवतावाले। जो (पृश्नयः) पूछने योग्य हैं, वे (मारुताः) मनुष्य देवतावाले। जो (बहुरूपाः) बहुरूपी अर्थात् जिन के अनेक रूप हैं, वे (वैश्वदेवाः) समस्त विद्वान् देवतावाले और जो (वशाः) निरन्तर चिलकते हुए हैं, वे (द्यावापृथिवीयाः) आकाश-पृथिवी देवतावाले जानने चाहियें
पूरा ग्रंथ पढ़ें
यजुर्वेद के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
यजुर्वेद के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।