(ये) जो (अस्मिन्) इस (लोके) लोक में (जीवेषु) जीवते हुओं में (समानाः) समान गुण-कर्म-स्वभाववाले (समनसः) समान धर्म में मन रखनेहारे (मामकाः) मेरे (जीवाः) जीते हुए पिता आदि हैं, (तेषाम्) उन की (श्रीः) लक्ष्मी (मयि) मेरे समीप (शतम्) सौ (समाः) वर्षपर्यन्त (कल्पताम्) समर्थ होवे।
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