हे मनुष्यो ! (देवः) विद्वान् (धामच्छत्) जन्म, स्थान, नाम का विस्तार करनेहारे (अग्निः) पावक (इन्द्रः) विद्युत् के समान अमात्य और राजा (ब्रह्मा) चारों वेदों का जाननेहारा (बृहस्पतिः) वेदवाणी का पठन-पाठन से पालन करनेहारा (सचेतसः) विज्ञानवाले (विश्वे, देवाः) सब विद्वान् लोग (नः) हमारे (शुभे) कल्याण के लिये (यज्ञम्) विज्ञान योगरूपा क्रिया को (प्र, अवन्तु) अच्छे प्रकार कामना करें।
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