हे (आपः) जलों के समान शान्त स्वभाव से वर्त्तमान स्त्रियो ! तुम लोग (नः) हम लोगों के (क्षयाय) निवासस्थान के लिये (जिन्वथ) तृप्त (च) और (जनयथ) अच्छे सन्तान उत्पन्न करो उन (वः) तुम लोगों को हम लोग (अरम्) सामर्थ्य के साथ (गमाम) प्राप्त होवें। (यस्य) जिस धर्मयुक्त व्यवहार की प्रतिज्ञा करो, उसका पालन करनेवाली होओ और उसी का पालन करनेवाले हम लोग भी होवें ॥
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