अलभ्यमानस्तनयः पितरौ क्लेशयेच्चिरम्। लब्धो हि गर्भपातेन प्रसवेन च बाधते ॥
वैसे पुत्र भी कष्ट देने वाला ही होता है; क्योंकि पुत्र न होने पर माता-पिता को बहुत क्लेश होता है। यदि किसी तरह से प्राप्त भी हो जाए, तो गर्भपात हो जाने अथवा प्रसव पीड़ा का कष्ट ही देता है।
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