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वृत्रगीता • अध्याय 2 • श्लोक 8
सृजत्येष महाबाहो भूतग्रामं चराचरम् । एष चाक्षिपते काले काले विसृजते पुनः ॥
पर महाबाहो! ये श्रीविष्णु ही सम्पूर्ण चराचर प्राणिसमुदाय की सृष्टि करते हैं और ये ही समय आने पर उसका विनाश करते हैं एवं समय आने पर पुनः सृष्टि भी करते हैं।
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