हे महाबाहु! यही भगवान् समस्त चराचर प्राणियों(चल और अचल जगत्) की सृष्टि करते हैं।
और यही काल आने पर उन्हें अपने में समेट लेते हैं तथा समयानुसार पुनः उनकी सृष्टि करते हैं।
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