तुम सब लोग यथासमय सुख से सन्तानोत्पादन करके देवलोकों में जाकर सुख भोगोगे। तत्पश्चात् सुखपूर्वक सिद्धि प्राप्त करके सिद्धों में गिने जाओगे। तुम्हारे मन में दुर्गति का भय नहीं होना चाहिये; क्योंकि तुम सब लोग निर्मल एवं निष्पाप हो।
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