सर्वाण्यशून्यानि करोत्यनन्तः सनातनः सञ्चरते च लोकान् ।
स चानिरुद्धः सृजते महात्मा तत्स्थं जगत् सर्वमिदं विचित्रम् ॥
अनन्त एवं सनातन भगवान् श्रीहरि समस्त कारणों को सत्ता और स्फूर्ति देकर परिपूर्ण करते और लीलावपु धारण करके लोकों में विचरण करते हैं। उन महापुरुष की गति को कोई रोक नहीं सकता। वे ही इस जगत् की सृष्टि करते हैं। उन्हीं में यह सम्पूर्ण विचित्र विश्व प्रतिष्ठित है।
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