यद्यपि वे भिन्न-भिन्न रूपों में दिखाई देते हैं, तथापि वे सभी उसी एक परम तत्त्व की एकता को प्रकट करते हैं।
इसलिए यह जानो कि यह सम्पूर्ण जगत् उस एक परम देव के ही अधीन है।
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