दानवप्रवर! सम्पूर्ण ग्रह उनकी दोनों भौंहों के बीच में स्थित हैं। नक्षत्रमण्डल नेत्रों से प्रकट हुआ है। दनुनन्दन! यह पृथ्वी उनके दोनों चरणों में स्थित है।
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