तुम जो ऐसा मानते हो कि ऐश्वर्य दोषकारक होता है, क्योंकि वह आसक्ति का हेतु होने के कारण मोक्ष का प्रतिबन्धक है तो तुम्हारी यह मान्यता ठीक नहीं है; क्योंकि तुम सब लोग धर्म के ज्ञाता हो। स्वयं ही उद्योग करके शम, दम आदि साधनों द्वारा कुछ ही काल में मोक्ष प्राप्त कर सकते हो।
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