कस्माद् भूतानि जीवन्ति प्रवर्तन्ते तथा पुनः ।
किं वा फलं परं प्राप्य जीवस्तिष्ठति शाश्वतः ॥
प्राणी किसके आधार पर जीवित रहते हैं और पुनः किस कारण विभिन्न कर्मों में प्रवृत्त होते हैं?
तथा वह कौन-सा परम फल है, जिसे प्राप्त करके जीव सदा के लिए शाश्वत अवस्था में स्थित हो जाता है?
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