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वृत्रगीता • अध्याय 1 • श्लोक 29
वैकुण्ठः पुरुषोऽनन्तः शुक्लो विष्णुः सनातनः । मुञ्जकेशो हरिश्मश्रुः सर्वभूतपितामहः ॥
वे भगवान् वैकुण्ठ, पुरुष, अनन्त, शुक्ल, विष्णु, सनातन, मुंजकेश, हरिश्मश्रु तथा सम्पूर्ण भूतों के पितामह हैं।
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