मैंने वैकुण्ठ, अनन्त पुरुष, श्वेतवर्ण भगवान् विष्णु, उस सनातन प्रभु का दर्शन किया।
वे मुञ्ज-घास के समान केशों वाले, हरिताभ श्मश्रु(दाढ़ी-मूँछ) से युक्त तथा समस्त भूतों के पितामह थे।
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