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विज्ञान भैरव • अध्याय 1 • श्लोक 87
एवमेव दुर्निशायां कृष्णपक्षागमे चिरम्‌ | तामर्‌ भावयन्‌ रूप मरवं रूपमष्यात ॥
इस प्रकार, यदि मनुष्य को भैरव रूप प्राप्त करने की इच्छा हो तो उसे कभी भी चंद्रमा के कृष्ण पक्ष की रात के भयानक अंधेरे का चिंतन करना चाहिए।
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