बैठते या लेटते समय अपने शरीर को आधारहीन (अंतरिक्ष में लटका हुआ) समझना चाहिए। फिर, एक क्षण में मन का (संस्कार या विचार निर्माण) कम हो जाता है, यह (पुराने मानसिक स्वभावों का) भंडार बनना बंद कर देता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विज्ञान भैरव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
विज्ञान भैरव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।