करङ्किण्या क्रोधनया भैरव्या लेलिहानया |
खेचर्या दृष्टिकाले च परावाप्ती प्रकाशते॥॥
अंतर्ज्ञान के समय करणिणी, क्रोध, भैरवी, लेलिहन्या और खेचरी की वृत्तियाँ प्रकट होती हैं, जिससे परम प्राप्ति प्रकट होती है।
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