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विज्ञान भैरव • अध्याय 1 • श्लोक 59
घटादिभाजने दृष्टिं भित्तिस्त्यक्तवा विनिक्षिपेत्‌ | तल्यं ततक्षणाद्रत्वा तल्लयात्तन्मयो भवेत्‌ ॥
चारों ओर के ढाँचे को छोड़कर घड़े के अन्दर (खाली जगह पर) अपनी दृष्टि केन्द्रित करनी चाहिए। इस प्रकार, बर्तन के चले जाने पर, मन तुरंत (अंतरिक्ष में) विलीन हो जाएगा। उस लय के द्वारा मन पूर्णतया लीन (शून्य में) हो जाता है।
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