मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
विज्ञान भैरव • अध्याय 1 • श्लोक 36
कररुद्धटगसखरेण भरूभेदाद्वाररोधनात्‌ | दृष्टि बिन्दो क्रमाल्ली तन्मध्ये परमा स्थितिः ॥
सभी दिशाओं में प्रवेश द्वार को अवरुद्ध करने के लिए हाथों (उपकरण के रूप में) का उपयोग करके, भौंह केंद्र को छेद दिया जाता है और बिंदु (या प्रकाश) देखा जाता है। धीरे-धीरे उसी में लीन होते-होते परम अवस्था का बोध हो जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विज्ञान भैरव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

विज्ञान भैरव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें