मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
विज्ञान भैरव • अध्याय 1 • श्लोक 23
यावस्था भरिताकारा भैरवस्योपलभ्यते | कैरुपायेमुखम्‌ तस्य परा देवि कथं भवेत्‌ | यथा सम्यगहम्‌ वेदि तथा मे बरूहि भैरव ॥
किस माध्यम से भैरव की पूर्णता की स्थिति प्राप्त की जा सकती है, (और) परादेवी, सर्वोच्च शक्ति, कैसे भैरव का चेहरा (या प्रवेश द्वार) बन जाती है? हे भैरव, मुझे (यह) उस तरीके से बताओ (जिससे) मैं इसे पूरी तरह से जान सकूं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विज्ञान भैरव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

विज्ञान भैरव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें