यावस्था भरिताकारा भैरवस्योपलभ्यते |
कैरुपायेमुखम् तस्य परा देवि कथं भवेत् |
यथा सम्यगहम् वेदि तथा मे बरूहि भैरव ॥
किस माध्यम से भैरव की पूर्णता की स्थिति प्राप्त की जा सकती है, (और) परादेवी, सर्वोच्च शक्ति, कैसे भैरव का चेहरा (या प्रवेश द्वार) बन जाती है? हे भैरव, मुझे (यह) उस तरीके से बताओ (जिससे) मैं इसे पूरी तरह से जान सकूं।
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