मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
विज्ञान भैरव • अध्याय 1 • श्लोक 137
ज्ञानप्रकाराकं सर्वं सर्वेणात्मा प्रकाशक: | एकमिकस्वभावत्वात्ज्ञानं ज्ञेयं विभाव्यते ॥
ज्ञान सबको प्रकट करता है और सबका आत्मा ही प्रकट करने वाला (जानने वाला) है। मनुष्य को ज्ञान और ज्ञाता को एक ही मानकर विचार करना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विज्ञान भैरव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

विज्ञान भैरव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें