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विदुर नीति • अध्याय 8 • श्लोक 10
अजोक्षा चन्दनं वीणा आदर्शो मधुसर्पिषी । विषमौदुम्बरं शङ्खः स्वर्णं नाभिश्च रोचना
बकरी, बैल, चन्दन, वीणा, दर्पण, मधु, घी, जल, ताँबे के बर्तन शंख सालग्राम और गोरोचन....
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