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विदुर नीति • अध्याय 7 • श्लोक 78
अनाम्नाय मला वेदा ब्राह्मणस्याव्रतं मलम् ॥ कौतूहलमला साध्वी विप्रवास मलाः स्त्रियः ॥
अभ्यास न करना वेदो का मल है, ब्राह्मणोचित नियमो का पालन न करना, ब्राह्मण का मल है, बाहीक देश, पृथ्वी का मल है, तथा झूठ बोलना पुरुष का मल है, क्रीड़ा एवं हास-परिहास की उत्सुकता, पतिव्रता स्त्री का मल है, और पति के बिना परदेश में रहना, स्त्री मात्र का मल है।
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