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विदुर नीति • अध्याय 7 • श्लोक 72
अक्रोधेन जयेत्क्रोधमसाधुं साधुना जयेत् । जयेत्कदर्यं दानेन जयेत्सत्येन चानृतम् ॥
अक्रोध से क्रोध को जीते, असाधु को सद्व्यवहार से वश में करे, कृपण को दान से जीते, और झूठ पर सत्य से विजय प्राप्त करे।
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