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विदुर नीति • अध्याय 7 • श्लोक 62
आर्जवेन नरं युक्तमार्जवात्सव्यपत्रपम् । अशक्तिमन्तं मन्यन्तो धर्षयन्ति कुबुद्धयः ॥
दुर्बुद्धि वाले लोग, सरलता से युक्त और सरलता के ही कारण, लज्जाशील मनुष्य को अशक्त मानकर उसका तिरस्कार करते हैं।
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