येऽर्थाः स्त्रीषु समासक्ताः प्रथमोत्पतितेषु च ।
ये चानार्य समासक्ताः सर्वे ते संशयं गताः ॥
जो धन आदि पदार्थ, स्त्री, प्रमादी, पतित, और नीच परुषो के हाथ में सौप दिये जाते हैं, वे संशय में पड़ जाते हैं।
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