कृतानि सर्वकार्याणि यस्य वा पार्षदा विदुः।
गूढमन्त्रस्य नृपतेस्तस्य सिद्धिरसंशयम् ॥
जिसके धर्म, अर्थ, और काम विषयक, सभी कार्यो को पूर्ण होने के बाद ही, सभासद्गण जान पाते हैं, वही राजा समस्त राजाओ में श्रेस्ट हैं। अपने मन्त्र को गुप्त रखने वाले उस राजा को निःसन्देह सिद्धि प्राप्त होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विदुर नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
विदुर नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।