नरेन्द्र! आप कौओं के समान, अपने पुत्र के ह्वारा विचित्र पंख वाले मोरों के सदश, पाण्डवों को पराजित करने का प्रयत्न कर रहे हैं, सिंहो को छोडकर सियारों की रक्षा कर रहे हैं, समय आने पर आप को इसके लिये पश्चाताप करना पड़ेगा।
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