एत एवासयस्तीक्ष्णाः कृन्तन्त्यायूंषि देहिनाम् ।
एतानि मानवान्घ्नन्ति न मृत्युर्भद्रमस्तु ते ॥
ये छः तीखी तलवारें, देह धारियों की आयु को काटती हैं। ये ही मनुष्यों का वध करती हैं, मत्यु नहीं।
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