कुरुराज! आप पाण्डवो से सन्धि कर ले, जिससे शत्रुओं को आपका छिद्र देखने का अवसर न मिल सके। नरदेव, समस्त पाण्डव सल्य पर डुटे हुए है, अब आप अपने पुत्र दुर्याधन को राकिये।
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