अथ ये सहिता वृक्षाः सङ्घशः सुप्रतिष्ठिताः ।
ते हि शीघ्रतमान्वातान्सहन्तेऽन्योन्यसंश्रयात् ॥
किन्तु जो बहुत से बृक्ष, एक साथ रह कर समूह के रूप में जुड़े हैं, वे एक-टूसरे के सहारे बड़ी से बड़ी आँधी को भी सह सकते है।
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