केशिनी बोली - विरोचन! ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं या दैत्य? यदि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं, तो सुधन्वा ब्राह्मण ही मेरी शय्या पर क्यों न बैठे? अर्थात् मैं सुधन्वा से विवाह क्यों न करूँ?
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