दुर्योधने च शकुनौ मूढे दुःशासने तथा ।
कर्णे चैश्वर्यमाधाय कथं त्वं भूतिमिच्छसि ॥
राजन्! अब आप दुर्योधन, शकुनि, मूर्ख दुशासन, तथा कर्ण पर राज्य का भार रखकर उन्नति कैसे चाहते हैं?
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