ऋषीणां च नदीनां च कुलानां च महामनाम् ।
प्रभवो नाधिगन्तव्यः स्त्रीणां दुश्चरितस्य च ॥
ऋषि, नदी, महात्माओं के कुल, तथा स्त्रियों के दुश्चरित्र का मूल नहीं जाना जा सकता।
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