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विदुर नीति • अध्याय 3 • श्लोक 30
अथ यो नैव प्रब्रूयात्सत्यं वा यदि वानृतम् । एतत्सुधन्वन्पृच्छामि दुर्विवक्ता स्म किं वसेत् ॥
प्रह्वाद ने कहा - सुधन्वन्! अब में तुमसे यह बाते पूछता हूँ, जो सत्य न बोले, अथवा असत्य निर्णय करे, ऐसे दुष्ट वक्ता की क्या स्थिति होती है?
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