विरोचन उवाच ।
हिरण्यं च गवाश्वं च यद्वित्तमसुरेषु नः ।
सुधन्वन्विपणे तेन प्रश्नं पृच्छाव ये विदुः ॥
विरोचन बोला - सुधन्वन्! हम असुरों के पास जो कुछ भी सोना, गौ, घोड़ा, आदि धन है, उसकी मैं बाजी लगाता हूँ, हम-तुम दोनों चलकर, जो इस विषय के जानकार हों, उनसे पूछे कि हम दोनों मे कौन श्रेष्ठ है?
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