विरोचन उवाच ।
तथा भद्रे करिष्यामि यथा त्वं भीरु भाषसे ।
सुधन्वानं च मां चैव प्रातर्द्रष्टासि सङ्गतौ ॥
विरोचन बोला - कल्याणि! तुम जैसा कहती हो, वही करूंगा, प्रातः काल तुम मुझे और सुधन्वा को एक साथ उपस्थित देखोगी।
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