केशिनी बोली - विरोचन! इसी जगह हम दोनों प्रतीक्षा करें, कल प्रातः काल सुधन्वा यहाँ आएगा, फिर मैं तुम दोनों को एकत्र उपस्थित देखूंगी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विदुर नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
विदुर नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।