पापाचारी दुष्टों का त्याग न करके, उनके साथ मिले रहने से, निरपराध सज्जनों को भी उनके समान ही दण्ड प्राप्त होता है, जैसे सूखी लकड़ी में मिल जाने से गीली भी जल जाती है, इसलिये दुष्ट पुरुषों के साथ कभी मेल न करे।
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